हमारी स्थापना और उद्देश्य
महर्षि दयानन्द आर्ष गुरुकुल आश्रम की स्थापना वर्ष 2010 में भारतीय दर्शन, वैदिक परंपरा एवं राष्ट्रभाव को सशक्त करने के उद्देश्य से की गई। यह संस्था पूर्वोत्तर भारत के वनवासी, निर्धन एवं वंचित परिवारों के बच्चों को शिक्षा, संस्कार और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए समर्पित है।
गुरुकुल का उद्देश्य केवल औपचारिक शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के
विकास को सुनिश्चित करना है, जिससे वे राष्ट्र की मुख्य धारा से जुड़कर समाज के उपयोगी नागरिक बन सकें।