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भारतीय संस्कृति, वैदिक शिक्षा और राष्ट्र निर्माण का केंद्र

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गुरुकुल छात्रावास- संस्कार, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य का आवास

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गोशाला भारतीय जीवनशैली की आधारशिला – गौसंरक्षण और संवर्धन

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हमारी स्थापना और उद्देश्य

महर्षि दयानन्द आर्ष गुरुकुल आश्रम की स्थापना वर्ष 2010 में भारतीय दर्शन, वैदिक परंपरा एवं राष्ट्रभाव को सशक्त करने के उद्देश्य से की गई। यह संस्था पूर्वोत्तर भारत के वनवासी, निर्धन एवं वंचित परिवारों के बच्चों को शिक्षा, संस्कार और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए समर्पित है।

गुरुकुल का उद्देश्य केवल औपचारिक शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के

शारीरिक

मानसिक

बौद्धिक एवं आध्यात्मिक

विकास को सुनिश्चित करना है, जिससे वे राष्ट्र की मुख्य धारा से जुड़कर समाज के उपयोगी नागरिक बन सकें।

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संचालित प्रमुख प्रकल्प

वर्तमान में गुरुकुल आश्रम द्वारा निम्न 3 प्रकल्प संचालित हैं
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महर्षि दयानन्द आर्ष गुरुकुल छात्रावास

यह छात्रावास विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत के वनवासी, निर्धन एवं असहाय परिवारों के बच्चों के लिए संचालित है।

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कामधेनु गोशाला एवं पंचगव्य शोध संस्थान

भारतीय संस्कृति में गाय का विशेष स्थान है। गुरुकुल में गो-संवर्धन एवं पंचगव्य आधारित शोध कार्य किया जाता है।

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वनस्पतिक उद्यान

गुरुकुल परिसर में एक औषधीय एवं दुर्लभ पौधों का उद्यान विकसित किया गया है।

हमारी उपलब्धियाँ

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कोविड काल में 32,000
मास्क निर्माण एवं निःशुल्क वितरण

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वृक्षारोपण एवं पर्यावरण
संरक्षण अभियान

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पूर्वोत्तर भारत के बच्चों का सांस्कृतिक एकीकरण

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विभिन्न समाचार पत्रों में संस्था की गतिविधियों का प्रकाशन

गुरुकुल पूर्वोत्तर भारत के बच्चों को संस्कार, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य प्रदान कर राष्ट्र
निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

हमारी प्रेरणा

भारतीय संस्कृति में गुरुकुल परंपरा का विशेष स्थान रहा है। इसी परंपरा को पुनर्जीवित करने तथा वैदिक एवं आधुनिक शिक्षा के समन्वय के माध्यम से चरित्रवान नागरिक निर्माण करने का संकल्प लेकर इस आश्रम की स्थापना की गई।

पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में शिक्षा एवं संसाधनों की कमी को देखते हुए, वहाँ के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का यह एक सतत प्रयास है।

हमारा ध्येय

वैदिक एवं भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा का प्रसार

पूर्वोत्तर के वनवासी बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा

गोसंवर्धन एवं पंचगव्य आधारित अनुसंधान

पर्यावरण संरक्षण एवं औषधीय पौधों का संवर्धन

राष्ट्रभाव और संस्कारों का विकास

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